अगर आपके पास पुराने जमीन या राजस्व से जुड़े दस्तावेज हैं जो कैथी लिपि (Kaithi Script) में लिखे हुए हैं और आप उन्हें समझ नहीं पा रहे हैं, तो अब चिंता करने की जरूरत नहीं है। बिहार सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने नागरिकों की इस बड़ी समस्या का समाधान निकाल दिया है।
बिहार सरकार की नई सुविधा
| आर्टिकल का प्रकार | Land Record Change |
| आर्टिकल का नाम | कैथी लिपि दस्तावेजों का आसान अनुवाद अब होगा संभव |
| आवेदन प्रक्रिया | ऑनलाइन |
| Benefits | Land Paper Translation |
| Departments | Land Receipt |
| ऑफिसियल वेब्साइट | Click Here |
कैथी लिपि दस्तावेजों का आसान अनुवाद अब होगा संभव
अगर आपके पास पुराने जमीन या राजस्व से जुड़े दस्तावेज हैं जो कैथी लिपि (Kaithi Script) में लिखे हुए हैं और आप उन्हें समझ नहीं पा रहे हैं, तो अब चिंता करने की जरूरत नहीं है। बिहार सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने नागरिकों की इस बड़ी समस्या का समाधान निकाल दिया है।
अब कैथी लिपि में लिखे पुराने दस्तावेजों का अनुवाद करवाना आसान हो गया है। सरकार ने इसके लिए विशेष व्यवस्था शुरू की है, जिससे आम लोगों को सीधे मदद मिल सके।
क्या है कैथी लिपि और क्यों होती है समस्या?
कैथी लिपि एक पुरानी भारतीय लिपि है, जिसका उपयोग पहले सरकारी और कानूनी दस्तावेजों में किया जाता था। बिहार और आसपास के क्षेत्रों में यह लिपि काफी प्रचलित थी।
लेकिन आज के समय में बहुत कम लोग इस लिपि को पढ़ या समझ पाते हैं। ऐसे में जब जमीन से जुड़े पुराने दस्तावेज सामने आते हैं, तो लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
बिहार सरकार की नई पहल क्या है?
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, बिहार सरकार ने इस समस्या को समझते हुए एक नई सुविधा शुरू की है। इस पहल के तहत:
- कैथी लिपि में लिखे दस्तावेजों का अनुवाद कराया जाएगा
- नागरिकों को विशेषज्ञों की मदद मिलेगी
- यह सुविधा मुख्यालय स्तर पर उपलब्ध कराई गई है
इससे लोगों को अपने पुराने दस्तावेज समझने में आसानी होगी और कानूनी कार्य भी सरल हो जाएंगे।
अनुवाद के लिए उपलब्ध विशेषज्ञ
इस सुविधा के तहत सरकार ने दो कैथी लिपि विशेषज्ञों को नियुक्त किया है, जो दस्तावेजों का सही और प्रमाणित अनुवाद करेंगे।
विशेषज्ञों की जानकारी:
- आलोक कुमार – 📞 7482046177
- हिना – 📞 9718323274
आप अपनी सुविधा अनुसार इन नंबरों पर संपर्क करके अपने दस्तावेजों का अनुवाद करवा सकते हैं।
अनुवाद शुल्क कितना है?
इस सेवा के लिए बहुत ही किफायती शुल्क निर्धारित किया गया है:
- ₹220 प्रति पृष्ठ (Page)
यह शुल्क आम लोगों को ध्यान में रखते हुए रखा गया है, ताकि हर कोई इस सुविधा का लाभ उठा सके।
किन लोगों के लिए है यह सुविधा?
यह सुविधा खासकर उन लोगों के लिए है:
- जिनके पास पुराने जमीन से जुड़े दस्तावेज हैं
- जिनके दस्तावेज कैथी लिपि में लिखे हैं
- जो अपनी जमीन या संपत्ति का रिकॉर्ड समझना चाहते हैं
- जिन्हें कानूनी प्रक्रिया के लिए दस्तावेजों का अनुवाद चाहिए
इस सुविधा के फायदे
इस पहल से आम नागरिकों को कई फायदे मिलेंगे:
- पुराने दस्तावेजों को समझना आसान होगा
- जमीन से जुड़े विवाद कम होंगे
- कानूनी प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी
- समय और पैसे की बचत होगी
कैसे करें संपर्क और अनुवाद प्रक्रिया
अगर आप अपने दस्तावेजों का अनुवाद करवाना चाहते हैं, तो नीचे दिए गए स्टेप्स को फॉलो करें:
- ऊपर दिए गए नंबर पर संपर्क करें
- अपने दस्तावेज की जानकारी दें
- आवश्यक दस्तावेज साझा करें
- प्रति पेज शुल्क जमा करें
- तय समय में अनुवाद प्राप्त करें
किन दस्तावेजों का अनुवाद कराया जा सकता है?
इस सुविधा के तहत आप कई प्रकार के दस्तावेजों का अनुवाद करा सकते हैं:
- जमीन के पुराने रजिस्टर
- खतियान (Khatiyan)
- रसीद और दाखिल-खारिज दस्तावेज
- अन्य राजस्व रिकॉर्ड
सरकार की पहल क्यों है महत्वपूर्ण?
यह पहल इसलिए बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि:
- बिहार में बड़ी संख्या में पुराने दस्तावेज कैथी लिपि में हैं
- आम लोगों के लिए उन्हें समझना मुश्किल होता है
- जमीन विवादों का एक बड़ा कारण यही है
सरकार की यह पहल नागरिकों को राहत देने और प्रशासन को मजबूत बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।